इस विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 21वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में माननीय डॉ सुधांशु त्रिवेदी, मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट, राज्य सभा, ने हिस्सा लिया


 लखनऊ, 7 नवम्बर: सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ द्वारा ‘ग्लोबल गवर्नेंस नाउः एक पोस्ट-कोविड इम्पेरेटिव’ विषय पर ऑनलाइन आयोजित किये गये इस विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 21वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सीएमएस के गोमती नगर शाखा के छात्रों ने 'विश्व संसद' का एक प्रारूप प्रस्तुत किया। कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि सीएमएस के पूर्व छात्र रहे माननीय डॉ सुधांशु त्रिवेदी, मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट, राज्य सभा, थे। 


21वें ऑनलाइन कांफ्रेंस में फिलीपींस सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री जस्टिस हिलारियो डेविड जूनियर, ने सम्बोधित किया तथा कांफ्रेंस में ट्रिनिडैड एवं टोबेगो गणराज्य के पांचवें राष्ट्रपति महामहिम श्री जस्ट्सि ऐंटोनी थॉमस अक्वीनास कार्मोना, क्रोशिया गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्री स्टेपान मैसिज जी, लेसोथो गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय डॉ पकालीथा बी मोसिसिली, हेयटी गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय श्री जौन-हेनरी सिएन्ट, घाना गणराज्य संसद के अध्यक्ष माननीय राइट प्रोफेसर आरोन माइकल ओकुए, उत्तरी मैसीडोनिया गणराज्य की कानून मंत्री माननीया सुश्री डॉ रेनाता डेस्कोस्का, जाम्बिया गणराज्य के कानून मंत्री माननीय श्री गीवेन लूबीनडा, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैंड के माननीय जस्ट्सि एंटोनी केसिया-म्बी मिंदुवा, एवं इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैंड के माननीय जस्ट्सि जेफ्री हेंडरसन जुड़े हुए थे।


डॉ सुंधांशु त्रिवेदी ने 'जय जगत' के विचार धारा के बारे में बात किया और साथ ही साथ कहा भारत में ‘जगद्गुरु’ बनाने कि ताकत है, अंत में कहा कि "असतो मा सदगमय तमसो मा ज्योतिर्गमय मृत्योर्मामृतम् गमय" । कांफ्रेंस के कंविनियर तथा सीएमएस संस्थपक, डॉ जगदीश गाँधी ने विश्व के समस्त राष्ट्राध्यक्षों से अपील करी है कि वो सभी एक साथ आए और एक 'विश्व संसद' का निर्माण जल्द से जल्द करें। 

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